जलापूर्ति पूर्णतया शुद्ध, अदालत में वाद राजनीतिक फायदे के लिए

Rajasthan
संगरिया उपखंड क्षेत्र में प्रदूषित पानी की सप्लाई का मामला
साढ़े तीन महीने बाद जवाब
संगरिया। संगरिया उपखंड क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण इलाकों मेंं नहरों के प्रदूषित पानी की सप्लाई के मामले में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश की अदालत में पेश लोकहित वाद का जवाब देने में प्रशासन और जलदाय विभाग के अधिकारियों ने साढ़े तीन महीने लगा दिए। साढ़े तीन महीने बाद प्रतिवादी विभागों के अधिकारियों ने अदालत में जो जवाब दावा पेश किया है, उसमें कहा है कि क्षेत्र मेंं पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण पेयजल का वितरण किया जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रभाव में आकर राजनीतिक फायदा लेने के लिए मनगढ़ंत वाद पत्र पेश किया गया है। इसलिए इसे मय खर्चा खारिज किया जाए।
अदालत में जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी संगरिया, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग संगरिया, विभाग के संगरिया
स्थित सहायक अभियंता तथा जल संसाधन विभाग संगरिया के सहायक अभियंता की ओर से यह जवाब दावा प्रस्तुत किया गया है। जवाब दावे में वादी उपभोक्ता संरक्षण समिति के तमाम आरोपों को नकार दिया गया है। प्रतिवादी विभागों ने जवाब दावे में कहा है कि उपखंड क्षेत्र में हमेशा निर्धारित मानकों के तहत गुणवत्तापूर्ण शुद्ध पेयजल का वितरण लोगों को किया जाता रहा है। 21 मई को नहरों में अत्यधिक गंदा पानी प्रवाहित हो रहा था, जिसकी जानकारी मिलते ही सभी जल योजनाओं के स्टोरेज टैंकों में पानी डालना बंद कर दिया गया।  नहरी पानी की जांच कराई गई और निर्धारित मानकों के अनुसार सही पाए जाने पर वितरण किया गया। हमेशा ही शुद्ध पेयजल वितरित किया जाता है, जिससे जन स्वास्थ्य पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं हो रहा और न ही गंभीर बीमारियां फैली हैं। पाइप लाइनों में लीकेज और टूट-फूट भी तुरंत ठीक कर दी जाती है।
उपभोक्ता संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय आर्य ने बताया कि इस मामले में अदालत ने आगामी तारीख 26 सितंबर तय की है। इस दिन इस मामले मेें अंतिम बहस होगी।
गौरतलब है कि मई के महीने में पंजाब में चड्ढा शुगर मिल के शीरे को व्यास नदी में बहाए जाने के बाद नहरों में गंदा पानी पहुंचने के बाद उपभोक्ता संरक्षण की ओर से मई के अंत में यह जनहित वाद पत्र पेश किया गया था। वाद पत्र में संगरिया क्षेत्र मेंं विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से निर्धारित मापदंडों तथा मेडिकल साइंस के मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल नागरिकों को उपलब्ध कराने के आदेश देने की गुहार अदालत से लगाई गई थी। अदालत ने सभी प्रतिवादी विभागों और अधिकारियों को  तलब कर जवाब मांगा।
बॉक्स में…
यह जन स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रकरण
उपभोक्ता संरक्षण समिति के अध्यक्ष संजय आर्य ने बताया कि यह प्रकरण बेहद महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र की जनता का स्वास्थ्य जुड़ा हुुआ है। अदालत में नागरिकों के शपथ पत्र, पाइप लाइनों में लीकेज और पाइपें टूटी होने और सडक़ों पर बहते पानी के फोटो इत्यादि पेश किए जाएंगे। आर्य ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वह गंदे पानी से संबंङ्क्षधत शपथ पत्र और फोटो उपलब्ध करवा सकते हैं।

Spread the love
  • 1
    Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *