श्रीगंगानगर में भाजपा ही नहीं कांग्रेस का भी छोटे व्यापारियों ने किया विरोध

Rajasthan
  • नेताओं के सा
  • मने लगाये मुर्दाबाद के नारे
  • एक कांग्रेस नेता को थप्पड़
  • सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
    श्रीगंगानगर। कभी भाजपा और और कभी कांग्रेस। सत्ता दोनों ही पार्टियों के पास रहती है और दोनों ही पार्टियां आम आदमी, आम व्यापारी को राहत देने के स्थान पर उनको लूटने का काम करती रही है। इंस्पेक्टर राज का ऐसा जाल बिछाया हुआ है कि आधी आय तो यह अधिकारी भ्रष्टाचार के रूप में ही निगल जाते हैं। पीडि़त व्यापारियों की आखिर चुप्पी टूट ही गयी। पहली बार व्यापारियों ने कांग्रेस नेताओं के सामने कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगाये। यह लोग बाजार बंद करवाने गये थे और उन्हें लग रहा था कि व्यापारी साथ देंगे लेकिन उनका इतना ज्यादा विरोध हुआ कि वे लोग वापिस आ गये। शहर के कोतवाली इलाके में तो मिला-जुला असर रहा लेकिन शहर के अन्य थानों में बाजार पूरी तरह खुले रहने का समाचार मिला है।
    कांग्रेस वाले सत्ता में आते ही भाजपा को भ्रष्टाचारी बताते हैं और भाजपा वाले कांग्रेस को। इस तरह से यह लोगों को पिछले 70 सालों से बेवकूफ बनाते आ रहे थे और पब्लिक बन भी रही थी किंतु इस बार सोशल मीडिया ने पार्टी वालों की हालत खराब कर दी है। आम आदमी के साथ-साथ व्यापारी भी सरकार से अब हिसाब मांगने के मूड में नजर आने लगा है। यही कारण रहा कि कांग्रेस नेताओं की बातों में व्यापारी नहीं आये और उन्होंने खुलकर विरोध किया।
    श्रीगंगानगर के हालात पर नजर डालें तो सभी बड़े व्यापारी तो कांग्रेस या भाजपा में शामिल हो चुके हैं और पैसों के दम पर वे सत्ता के लाभकारी पदों पर भी आसीन हो गये हैं। आम आदमी, छोटा व्यापारी वहीं का वहीं रह गया है। पार्टी में चल रहे पेसों के गौरखधंधों के खिलाफ पहली बार श्रीगंगानगर में आवाज उठी है और सांध्यदीप बुलंद आवाज करने वाले व्यापारियों को नमन करता है। यही आवाज अब देश के हर कोने में भी सुनाई दे सकती है।
    श्रीगंगानगर के लोगों को चुप रहने वाला प्राणी समझा जाता है और यही कारण रहा है कि यहां के नेता जीतने के बाद कभी भी पब्लिक को शकल नहीं दिखाते। बड़े-बड़े व्यापारी पैसों के दम पर सत्ता सुख भोग रहे हैं और उन्हें अपने व्यापारी भाइयों की कोई चिंता नहीं सता रही।
    यही कारण रहा कि पहली बार खुलकर व्यापारियों ने विरोध किया। आज कांग्रेस के भारत बंद का आह्वान था। कुछ नेता वाहन लेकर गोल बाजार पहुंचे और दुकानें बंद करवाने का प्रयास करने लगे तो वहां जमकर हंगामा हो गया। व्यापारियों ने दुकानें बंद करने से इन्कार कर दिया। व्यापारियों का आरोप था कि चार साल से कहां थीं कांग्रेस। नोटबंदी और जीएसटी के कारण व्यापारियों की जो हालत हुई है उससे कांग्रेस अनजान नहीं है और अब चुनावों को नजदीक देखकर वह उनकी हमदर्द बनने के लि आयी है। व्यापारियों ने कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगाये। व्यापारियों के इस विरोध के कारण ही एक कांग्रेस नेता को थप्पड़ तक पडऩे की आवाज वीडियो में रिकॉर्ड हो गयी जो वायरल हो रहा है।
    आखिर में कुछ अन्य लोग शामिल हो गये और बीच-बचाव कर माहौल शांत करवाया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मारपीट जैसे मामले को लेकर थाने में कोई रिपोर्ट नहीं आयी है। लेकिन सच यह है कि आज जो आवाज छोटे व्यापारियों ने बुलंद की है, उस आवाज को दबने नहीं देना है और सच यह है कि सरकार खुद उन तक आयेगी। बस इंतजार करना होगा। उस समय भी सरकार के दबाव में नहीं आकर जनप्रतिनिधियों और सरकारी नौकरों की जवाबदेही का कानून भी पारित होगा। फिर सरकार व्यापारियों से नहीं अपने रिकॉर्ड दिखाया करेगी।

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