मीरा कॉलेज की छात्राओं ने प्रदर्शन कर मांगा हक

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राज्य सरकार मीरा कॉलेज में प्राचार्य और शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति करे
-सरकारी कॉलेज की छात्राओं की भांति छात्रवृत्ति और अन्य लाभ की मांग
संगरिया। मीरा गल्र्स कॉलेज की छात्राओं ने आज प्रदर्शन कर कॉलेज में प्राचार्य, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति और अध्ययनरत्त छात्राओं को सरकारी कॉलेज की छात्राओं की भांति छात्रवृत्ति और अन्य लाभ दिए जाने की मांग उठाई। छात्राओं ने आज इस बारे में मीरा कॉलेज के प्राचार्य को राज्य के शिक्षा सचिव (उच्च एवं तकनीकी शिक्षा) के नाम ज्ञापन देकर अपना हक मांगा।
छात्राओं ने ज्ञापन में कहा कि 31 अगस्त 2013 को राज्य सरकार ने संगरिया के मीरा गल्र्स कॉलेज का अधिग्रहण कर उसका सरकारीकरण कर दिया। इसके बाद चौदह महीने तक सरकार द्वारा नियुक्त प्राचार्य एवं स्टाफ ने कॉलेज का संचालन किया। इसके बाद सरकार ने 26 सितंबर 2013 को मीरा कॉलेज को राजकीय महाविद्यालय की सूची से डिनोटिफाई कर दिया। मीरा कॉलेज की मातृ संस्था रही मीरा शिक्षा समिति ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट की शरण ली।
ज्ञापन के अनुसार हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 17 अक्टूबर 2016 को संगरिया के मीरा कॉलेज को डि-नोटिफाई करने के सरकारी फैसले को निरस्त कर दिया। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील की। खंडपीठ ने 2 अप्रेल 2018 को निर्णय पारित कर एकल पीठ के निर्णय की पुष्टि कर दी। जिसके विधिक प्रभाव से मीरा कॉलेज को पुन: राजकीय महाविद्यालय का दर्जा प्राप्त हो गया लेकिन अभी तक सरकार ने कॉलेज, शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्तियां नहीं की हैं। इस कारण छात्राओं की पढ़ाई में दिक्कत हो रही है।
ज्ञापन के अनुसार सरकारीकरण के अनुरूप तमाम व्यवस्थाएं अभी तक न होने से मीरा कॉलेज की छात्राओं को सरकारी कॉलेजों की तरह छात्रवृत्ति और अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।

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