नयी दिल्ली 22 अक्टूबर (वार्ता) भारत ने एक्ट ईस्ट नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए म्यांमार के सितवे बंदरगाह, पलेत्वा अंतरदेशीय जलमार्ग टर्मिनल एवं संबंधित सुविधाओं के परिचालन एवं अनुरक्षण के लिए निजी आपरेटर की नियुक्ति के वास्ते आज एक करार पर हस्ताक्षर किये।
म्यांमार की राजधानी ‘नेप्यीतॉव’ में म्यांमार के परिवहन एवं संचार मंत्री यू थान्त सिन माैंग की माैजूदगी में विदेश सचिव विजय गोखले और म्यांमार के परिवहन एवं संचार मंत्रालय में स्थायी सचिव यू विन खांत ने दस्तखत किये। इस मौके पर म्यांमार में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री भी उपस्थित थे।
कालादान मल्टी मॉडल ट्रांसिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली इन सुविधाओं के परिचालन एवं अनुरक्षण के लिए निजी आपरेटर की नियुक्ति निविदा के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव आमंत्रित किये जाएंगे। इस परियोजना के कार्यान्वित होने के साथ भारत एवं म्यांमार के बीच नई व्यापारिक सुविधाएं स्थापित होंगी तथा क्षेत्र में खासकर म्यांमार के राखाइन एवं चिन प्रांतों में बड़े पैमाने पर रोज़गार भी सृजित होगा।
विदेश मंत्रालय ने यहां एक बयान में बताया कि श्री गोखले ने अपनी सभी मुलाकातों में संदेश दिया कि भारत म्यांमार के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है और कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं जनता के बीच संपर्क तथा आर्थिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ बनाएगा। श्री गोखले एक दिन की म्यांमार की यात्रा पर गये थे।
बयान में कहा गया कि श्री गोखले ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची से भेंट की और द्विपक्षीय सहयोग के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया जिसमें राखाइन प्रांत में विकास परियोजनाओं पर चर्चा शामिल थी। श्री गोखले परिवहन एवं संचार मंत्री श्री यू थान्त सिन माैंग ने भी मुलाकात की और परिवहन एवं ढांचागत विकास के मुद्दों पर चर्चा की।
सचिन
वार्ता

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