तेहरान, 30 दिसंबर। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव आगे बढ़ता जा रहा है और अब इसको ईरान भी सीधा देख रहा है। भारत ही दुनिया का एकमात्र देश ऐसा है, जिसके ईरान और अमेरिका के साथ गहरे संबंध हैं। अगर दोनों के बीच कभी भी सैन्य तनाव की नौबत आती है तो उस स्थिति में दुनिया की नजर जिस तरफ जायेगी, वही भारत ही होगा, लेकिन अब ईरान एक और आरोप अमेरिका पर लगाया है।

शिन्हुआ संवाद सेवा ने इरान के विदेश मंत्री जवाद जारीफ को संबोधित करते हुए एक रिपोर्ट जारी की है।

इस रिपोर्ट के अनुसार खाडी में अमेरिका ने अपना  सैन्य विमान पोत को स्थापित कर दिया है।

 इस पर ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ ने कहा है कि खाड़ी में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी ‘अवैध’ और क्षेत्र में तनाव पैदा करने वाली है।
श्री जारिफ ने शनिवार को कहा खाड़ी में अमेरिकी विमान वाहक पोत की हालिया तैनाती से तनाव और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने कहा, “खाड़ी में अमेरिकियों की मौजूदगी ने हमेशा ही क्षेत्रीय देशों के लिए खतरा उत्पन्न किया है।”
अमेरिका द्वारा नवंबर में ईरान के तेल निर्यात पर फिर से पाबंदियां लगाने के बाद 21 दिसंबर को खाड़ी में अमेरिकी विमान वाहक पोत जॉन सी. स्टेनिस को तैनात कर दिया गया था।

 

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ईरान पर आरोप लगा रह है कि वह चुपके-चुपके परमाणु हथियार और परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम मिसाइलों क परीक्षण कर रहा है। इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव चल रहा है। अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिये थे और विश्व को चेतावनी दी थी कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले को अमेरिका का प्रिय नहीं समझा जायेगा। इन प्रतिबंधों के बाद विश्व में ईरान की मुद्रा रूबल की कीमत लगातार कम होती जा रही है। ईरान ने तो आरोप लगा दिया था कि आर्थिक प्रतिबंध तो आर्थिक आतंकवाद के समान हो गये हैं।

अमेरिका अपने निर्णय पर अटल है और इसी कारण अमेरिका के सहयोगी देश कनाडा ने तो चीन की प्रमुख कंपनी हुवाई की आर्थिक आधिकारी को गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद कनाडा और चीन के आपसी संबंधों पर व्यापक असर हुआ है। कनाडा के दो नागरिकों को बाद में चीन ने भी अपनी हिरासत में ले लिया था। यह दौर विश्व के अन्य देशों को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।

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