he Election Commission had announced the Lok Sabha election schedule. file photo

जयपुर 06 दिसम्बर (वार्ता) राजस्थान विधानसभा चुनाव के प्रचार का शोरशराबा कल शाम समाप्त होने के बाद आज प्रत्याशियों ने घर.घर जाकर मतदाताओं से सम्पर्क करना शुरू कर दिया है।
राजसथान में अलवर जिले के रामगढ़ में बसपा प्रत्याशी की म़ृत्यु के कारण चुनाव स्थगित हो जाने से दो सौ में से 199 सीटों पर ही चुनाव हो रहे है। कांग्रेस ने 195 तथा भाजपा ने सभी सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ए बहुजन समाज पार्टी तथा समाजवादी पार्टी सहित कई छोटे.मोटे दलों के अलावा निर्दलीय सहित 2274 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के स्टार प्रचारकों की चुनाव सभाओं से बने माहौल को मतदान के दिन तक बनाये रखने के लिए प्रत्याशी घर घर जाकर मतदाताओं से मिल रहे हैं। शुरूआती दौर में बढ़त बनाने वाली कांग्रेस पर मोदी की सभायें भारी पड़ती सी लग रही है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले दिनों दो लोकसभा तथा एक विधानसभा उपचुनाव में भी भाजपा का झंडा फहरा रहा थाए लेकिन उसे करारी मात खानी पड़ी थी। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का मानना है कि उपचुनाव के बाद परिस्थितियो में कोयी बदलाव नहीं आया लिहाजा मतदाताओं का कांग्रेस के प्रति बना मोह कैसे टूट सकता है।इसके अलावा कर्मचारियों व्यापारियोें और किसानों की नाराजगी से भी कांग्रेस को अपने पक्ष में माहौल बने रहने की आस है।
भारतीय जनता पार्टी उपचुनाव को अलग नजरिये से देख रही है तथा टिकिट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार तक हिन्दुत्व की प्रखरता दिखाने पर चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में मान रही है।
इस चुनाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा़ गिरिजा व्यास एसी पी जोशी एचार सांसदों एमंत्रियों और कई विधायकों सहित 2274 उम्मीदवारों का भाग्य तय होगा। इनमें श्री राजे के सामने भाजपा को छोड़कर आये मानवेन्द्र सिंह ने तथा गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया के सामने पूर्व मंत्री गिरिजा व्यास एकांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के सामने भाजपा के युनुस खान एविधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के सामने कांग्रेस के पूर्व विधायक महावीर मोचीए विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह के सामने कांग्रेस के मनीष यादव तथा बागी आलोक ने चुनाव को रोचक बना दिया है।
भारत वाहिनी के घनश्याम तिवाड़ी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने भी भ्रष्टाचार में दोनो पार्टियों की मिलीभगत के आरोप लगाये इन दोनो दलों ने कई स्थानों पर मुकाबले को त्रिकोणात्मक बना दिया। बसपा ने 191 सीटों पर आप ने 180 सीटों पर तथा वामपंथी दलों ने 44 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर मुकाबलें को संघर्षपूर्ण बना दिया।
बसपा की सुप्रिमोे मायावती तथा सपा के अखिलेश यादव ने भी चुनाव में चेहरा दिखाया लेकिन आप के नेता अरविन्द केजरीवाल का चेहरा प्रचार में देखने को नहीं मिला।
पारीक सैनी मनोज
वार्ता

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