नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) राज्यसभा का 11 दिसंबर से प्रारंभ हुआ शीतकालीन सत्र बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। उच्च सदन ने अंतिम बैठक में सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के एक ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को पारित कर दिया।

लोकसभा को कल ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। उच्च सदन की बैठक संविधान (124वां संशोधन) विधेयक को चर्चा कर पारित करने के लिए एक दिन के लिए बढ़ायी गयी।



संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के बाद राष्ट्रगीत की धुन बजाये जाने के पश्चात उपसभापति हरिवंश ने सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इससे पहले उन्होंने अपने पारंपरिक संबोधन में सदन को बार बार बाधित करने की प्रवृत्ति पर चिंता जतायी। उन्होंने बताया कि हंगामे के कारण सदन के कामकाज में 78 घंटे का नुकसान हुआ। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।

उच्च सदन का यह सत्र राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग, कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध का विरोध, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग सहित विभिन्न मुद्दों पर हुए हंगामे के कारण अधिकतर बैठकों में बाधित रहा। पूरे सत्र के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल भी एक-दो बैठक को छोड़कर सुचारू रूप से नहीं चल पाया।

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