चीन को मानवाधिकार उल्लंघन पर घेरा, अमेरिका-इंग्लैण्ड ने झिंजियांग के हालात पर जताई चिंता. file photo

वाशिंगटन। भारत का पड़ोसी देश चीन मानवाधिकार का कितना बड़ा विरोधी है, इसके अनेक प्रमाण अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिले हैं। मानव के लिए खतरा बने पाकिस्तानी आतंकवादी अजहर मसूद को प्रतिबंधित करने के लिए बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटिश के प्रस्ताव पर उसने एक बार फिर वीटो कर कार्यवाही को प्रभावित कर दिया। वहीं उसके स्वयं के प्रांत झिंजियांग में भी सरकारी मशीनरी मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन कर रही है।
बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के जैनेवा स्थित कार्यालय में भी झिंजियांग में हो रहे खुले उल्लंघन पर चिंता व्यक्त की गयी। अमेरिका विदेश मंत्रालय के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका ने कनाडा, इंग्लैण्ड, जर्मनी और नीदरलैण्ड के सहयोग से एक कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में अनेक अधिकारियों, मानवाधिकार तथा विषय विशेषज्ञोंं व प्रभावित हुए लोगों ने झिंजियांग में चल रहे मानवाधिकार के उल्लंघन पर गहरा प्रकाश डाला। बताया गया कि वहां उइगर मुस्लिम ओर अन्य जातियों के एक मिलियन से अधिक लोगों को जेल में डाल दिया गया। वहां बुनियादी स्वतंत्रता के उल्लंघन पर गंभीरता से विचार किया गया। इस बात पर भी सहमति व्यक्त की झिंजियांग में चल रहे मानवाधिकार के उल्लंघन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रयास किये जायेंगे। ध्यान रहे झिंजियांग उत्तर-पश्चिम चीन का एक स्वायत्त क्षेत्र है। वहां रेगिस्तान ओर पहाड़ों का एक विशाल क्षेत्र है। यहां तुर्किक उइगर लोग ज्यादातर निवास करते हैं। मध्य पूर्व को जोडऩे वाला चीन का प्रमुख मार्ग भी यहीं से निकलता है।
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