छह माह शेष कार्यकाल वाले आईपीएस भी बन सकेंगे डीजीपी

नयी दिल्ली, 13 मार्च (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने राज्यों में पुलिस प्रमुखों के चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया के अपने पूर्व के आदेश में संशोधन करते हुए बुधवार को फैसला दिया कि कम से कम छह महीने के शेष सेवाकाल वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी अब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने गत वर्ष तीन जुलाई के अपने फैसले में संशोधन किया है।

संशोधित आदेश के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के उन अधिकारियों को भी पुलिस प्रमुख के पद पर नियुक्त करने के लिए विचार करने का निर्देश दिया जिनके पास कम से कम छह माह का कार्यकाल बचा हो, बशर्ते यह चयन विशुद्ध रूप से योग्यता पर होना चाहिए।

इससे पहले न्यायालय ने कहा था कि सिर्फ उन आईपीएस अधिकारियों का ही पुलिस प्रमुख के पद के लिए चयन किया जायेगा, जिनका कार्यकाल दो वर्ष से ज्यादा होगा।

शीर्ष अदालत का यह संशोधित आदेश पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह और अन्य की याचिकाओं पर आया है। इससे पहले गत 16 जनवरी को न्यायालय ने राज्यों में डीजीपी के चयन और नियुक्ति की प्रक्रियाओं में बदलाव करने से इन्कार कर दिया था।

गौरतलब है कि तीन जुलाई 2018 को देशभर में पुलिस सुधार को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और सभी राज्यों को आदेश दिया था कि वे कहीं भी कार्यकारी पुलिस महानिदेशक नियुक्त नहीं करेंगे। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि कार्यकारी डीजीपी नियुक्त करना न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।

सुरेश जितेन्द्र

वार्ता

 

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