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नयी दिल्ली, 13 मार्च (वार्ता) सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती के अवसर पर करतारपुर साहिब गलियारे को खोलने के संबंध में भारत एवं पाकिस्तान के बीच गुरुवार को वाघा-अटारी सीमा पर होने वाली बैठक में भारत सरकार बालाकोट एवं पुलवामा की छाया को दूर रखेगी लेकिन पाकिस्तान से तीर्थयात्रियों के भारत विरोधी दुष्प्रचार एवं गतिविधियों से पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन जरूर मांगेगी।

सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यहां बताया कि भारत का प्रतिनिधिमंडल नवंबर 2018 के कैबिनेट के निर्णय को क्रियान्वित करने के उद्देश्य पाकिस्तान के अधिकारियों से वाघा-अटारी सीमा चौकी पर गुरुवार को बैठक करेगा जिसमें तकनीकी विषयों पर बातचीत होगी। भारतीय सीमा से चार किलोमीटर दूर करतारपुर गुरुद्वारे तक बनने वाले गलियारे के मार्ग के तकनीकी विवरण एवं मानचित्र, सुरक्षा प्रबंध एवं यात्रा के इंतज़ामों पर दोनों देशों के बीच सहमति कायम करने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में भारत ने एक द्विपक्षीय करार का मसौदा तैयार किया है और उसे पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार भारत ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक टर्मिनल की डिजाइन एवं परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। इसके लिए निविदा जल्द ही जारी की जाएगी। भारत ने ग्राउंड ज़ीरो पर 50 एकड़ भूमि चिह्नित की है। पहले चरण में 15 एकड़ भूमि पर यात्री सुविधा टर्मिनल बनाया जाएगा और उसमें सामान्यत: प्रतिदिन पांच हजार यात्रियाें तथा विशेष अवसरों पर करीब 15 हजार यात्रियों के जाने लायक ढांचागत सुविधायें होंगी। करीब दो हजार यात्रियों के प्रतीक्षा के लिए स्थान होगा जबकि 54 आव्रजन काउंटर होंगे। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होगी। पहले चरण का काम इस साल सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में अस्पताल, रेस्टोरेंट आदि बनाया जाएगा।

बैठक में पुलवामा फिदायीन हमले और बालाकोट पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई की छाया होने एवं पाकिस्तान के रुख के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा कि यह बैठक जनता के बीच संपर्क बढ़ाने के एकमात्र उद्देश्य के साथ हो रही है। जहां तक सुरक्षा की बात है तो हमारे लिए सुरक्षा सर्वोपरि है और उससे कतई समझौता नहीं किया जाएगा। यात्री टर्मिनल पर सीमा सुरक्षा बल के साथ मिलकर एक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा जिससे कोई भी घुसपैठ या तस्करी संभव नहीं होगी।

करतारपुर गलियारे के शिलान्यास के वक्त खालिस्तानी तत्वों की मौजूदगी और भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा भारतीय सिख यात्रियों को ऐसे तत्वों द्वारा प्रभावित करने के प्रयासों के बारे में आशंका जताये जाने के बारे में पूछने पर सूत्रों ने कहा कि बैठक में भारतीय पक्ष पाकिस्तानी अधिकारियों से पुख्ता आश्वासन चाहेगा कि कोई भी भारत विरोधी हरकत इस व्यवस्था में नहीं होगी।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सूत्रों ने बताया कि भारत चाहता है कि इस बैठक में सभी विषयों पर सहमति हो जाये ताकि गलियारे के निर्माण का काम तेजी से शुरू हो जाये लेकिन यह पाकिस्तान के रुख पर निर्भर करेगा।

बैठक कल सुबह भारतीय समयानुसार करीब साढ़े 10 बजे शुरू होगी। भारतीय पक्ष का नेतृत्व केन्द्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एस. सी. एल. दास करेंगे जिसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब सरकार, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी शामिल होंगे जबकि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया मामलों के महानिदेशक करेंगे।

 

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