he Election Commission had announced the Lok Sabha election schedule. file photo

लोकसभा चुनावों के लिए प्रथम चरण का मतदान गुरुवार 11 अप्रेल को होगा। 17वीं लोकसभा के लिए मतदान सात चरणों में करवाया जाना है।
प्रथम चरण में आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्रा, मिजोरम, मणीपुर, मेघालय, नागालैण्ड, उड़ीसा, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा,उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्ष्यदीप में मतदान होगा।
चुनाव आयोग ने सात चरणों में करवाने का निर्णय लिया था। उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल ही ऐसे प्रदेश हैं, जिनमें सभी चरणों में मतदान होगा। यह दोनों ही प्रदेश चुनावों की लम्बी प्रक्रिया से प्रभावित होने वाले प्रदेश हैं। राजस्थान में दो चरणों में मतदान होगा जबकि पड़ोसी पंजाब राज्य में एक ही चरण में मतदान होगा।
प्रथम चरण के आरंभ होने से पहले चुनाव आयोग ने मतदान के बाद एक्जिट पोल और राजनीतिक भविष्यवाणी पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध 19 मई तक जारी रहेगा, जिस दिन आखरी चरण का मतदान होना है। उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में हिंसा की आशंका के चलते सर्वाधिक चरणों में मतदान होगा। वहीं जम्मू-कश्मीर और बिहार में भी दो से अधिक चरणों में वोटिंग होगी।
अगर हम चुनाव आयोग के सभी चरणों की मतदान पर प्रकाश डालें तो साफ पता चलता है कि चुनाव आयोग मतदान के दौरान हिंसा को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास कर रहा है। पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, बिहार आदि राज्य सर्वाधिक हिंसा वाले प्रदेश हैं। केरल में भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वता रहती है। जम्मू-कश्मीर में विदेशी आतंकवादियों के सक्रिय रहने के कारण वहां पर ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा बलों को चुनाव में शांति बनाये रखने के साथ-साथ बाहरी आतंकवादियों से भी दो-दो हाथ करने होते हैं, वहीं पाकिस्तान भी बॉर्डर पर लगातार सीजफायर कर रहा है।
18 अप्रेल को दूसरे चरण के लिए चुनाव आयोग ने 97 संसदीय क्षेत्रों के लिए मतदन होगा। आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, उड़ीसा, तमिलनाडू, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और पांडुचेरी में प्रत्याशियों के भाग्य के लिए पोलिंग होगी।
23 अप्रेल को तीसरे चरण में 115 सीटों के लिए मतदान होना है इसमें 14 राज्य आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, गोवा, जम्मू-कश्मीर, कना्रटक, केरल, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दमन, दादर और नागर हवेली भी शामिल हैं।
चौथे चरण में 29 अप्रेल को मतदान होगा। 9 राज्यों की 71 संसदीय सीटों के लिए मतदाता मतदान स्थल तक जायेंगे। इसमें बिहार, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
छ: मई को पांचवें चरण में 7 राज्यों बिहार, जम्मू-कश्मीर, झारखण्ड़, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश की 51 संसदीय सीट शामिल हैं।
आगामी 12 मई को छठे चरण के लिए 59 सीटों पर मतदान होगा। इसमें सात राज्य बिहार, हरयाणा, झारखण्ड़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल और देश की राजधानी दिल्ली शामिल हैं।
आगामी 19 मई को आखिरी चरण का चुनाव होना है। सातवें चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होना है। इसमें पश्चिम बंगाल और उत्तरप्रदेश तो शामिल है ही साथ ही बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड़, मध्यप्रदेश, पंजाब, चण्डीगढ़ भी शामिल हैं। 19 मई के बाद 23 मई को मतगणना होगी। देर शाम तक देश के सभी राज्यों से परिणाम आ जाने की संभावना है।

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