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जूलियन असांजे. file photo

स्टाकहोम,13 मई (वार्ता) स्वीडन ने विकीलीक्स के सह संस्थापक जूलियन असांजे के खिलाफ कथित दुष्कर्म मामले की फिर जांच शुरू करने की घोषणा की है।

बीबीसी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के वकील के आग्रह पर यह जांच दोबारा शुरू की गयी है। असांजे नेे हालांकि इन आरोपाें से इनकार किया है और वह स्वीडन प्रत्यर्पण से बचने के लिए वह सात वर्ष तक बचते रहे। उन्हाेंने 2012 में लदंन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली थी। उन्हें दूतावास से पिछले माह बेदखल कर दिया गया था और जमानत प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में 50 हफ्ते जेल की सजा सुनाई थी। इस समय असांजे को बेलमार्श जेल में रखा गया है।

दो वर्ष पहले तक जब असांजे इक्वाडोर दूतावास में थे तो स्वीडन के वकीलों ने दुष्कर्म मामले की जांच को समाप्त करने का फैसला लिया था लेकिन सोमवार को स्वीडन की लोक अभियोजन मामलों की उप निदेशक एवा मैरी परसोन ने घोषणा की कि इस मामले की दोबारा जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ संभावित कारण नजर आते हैं कि असांजे ने इस दुष्कर्म को अंजाम दिया होगा।

माना जा रहा है कि दूतावास से उनकी रिहाई और फिर दुष्कर्म मामले को खोला जाना अमेरिका और स्वीडन के प्रत्यर्पण आग्रह पर विचार किया जा सकता है। अमेरिका का आरोप है कि असांजे ने 2010 में गोपनीय सैन्य और राजनयिक सामग्री अमेरिका से जारी की थी और इसी वजह से अमेरिका असांजे के लंदन से प्रत्यर्पण के पक्ष में है।

इधर, स्वीडन के वकीलों की ओर से इस मामले को खोले जाने की घोषणा के बाद विकीलीक्स ने एक बयान में कहा कि इससे असांजे को अपने आपको निर्दोष साबित करने का एक मौका मिलेगा।
विकीलीक्स के एडीटर इन चीफ क्रिस्टीन हराफनस्सोन ने एक बयान में कहा, “इस मामले की दोबारा जांच को लेकर स्वीडन पर काफी राजनयिक दबाव था और इस मामले को लेकर चौतरफा राजनीतिक दबाब भी रहा है।”

सुश्री परसोन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस बात की अच्छी तरह जानकारी है कि ब्रिटेन में प्रत्यर्पण प्रकिया जारी है और असांजे को अमेरिका भेजा जा सकता है।

गाैरतलब है कि असांजे के खिलाफ 2010 में स्टाकहोम में विकीलीक्स के सम्मेलन के बाद दो महिलाओं पर बलात्कार तथा अन्य शारीरिक उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं लेकिन असांजे ने हमेशा ही इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि शारीरिक संबंध सहमति से बने थे।

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