संयुक्त राष्ट्र ने मसूद अजहर को किया अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित

संयुक्त राष्ट्र 01 मई (वार्ता)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर दिया। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

 मसूद अजहर काे प्रतिबंधित सूूची में डाल दिया गया है जिसके तहत उसकी विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लग गया है तथा विभिन्न देशों में उसकी संपत्तियां तथा बैंक खातें सील कर दिए जाएंगे।

सुरक्षा परिषद में भारत के राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने ट्वीट कर कहा, “बड़े, छोटे सभी साथ आये। मसूद अजहर काे संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया गया। समर्थन के लिए सभी का आभार।” उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से काम करने का सौभाग्य एवं सम्मान मिलने से अभिभूत हैं। उन्होंने शुभकामनाओं के लिए सभी को धन्यवाद दिया और कहा कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रया में कहा, “भारत के लिए संयुक्त राष्ट्र का यह कदम काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम कई वर्षों से इसके लिए प्रयास कर रहे थे। इस संबंध में पहली कोशिश 2009 में की गयी थी। हाल में हम यह लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत रहें।”

पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में पिछले 10 वर्ष में चार बार प्रस्ताव पेश किया गया और हर बार चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर इसमें अड़ंगा लगा दिया। चीन ने गत मार्च में सुरक्षा परिषद में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की आेर से अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर भी कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी। उसने हालांकि मंगलवार को संकेत दे दिया था कि वह अजहर के खिलाफ प्रतिबंध को लेकर अपनी आपत्ति वापस ले सकता है और कहा था कि अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के महत्वपूर्ण मुद्दे का उचित समाधान निकाला जायेगा।

संयुक्त राष्ट्र के इस कदम को भारत की बड़ी कूटनीतिक विजय माना जा रहा है जो जैश सरगना को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए विश्व समुदाय पर लगातार दबाव बना रहा था। खास तौर पर जब से इस आतंकवादी संगठन ने पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, तब से भारत ने अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा था। पुलवामा में 14 फरवरी को हुए इस हमले में 40 से अधिक सीआरपीएफ जवान शहीद हो गये थे। जैश ए मोहम्मद संसद पर हमले और पठानकोट हमले में भी शामिल था।

अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घाेषित किये जाने से पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। वह हमेशा उसका बचाव करता रहा है। यहां तक कि पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तान ने कहा था कि मसूद अजहर गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित है और इतना कमजोर हो गया है कि चल-फिर तक नहीं सकता।

भारत ने पहली बार अजहर को 1994 में श्रीनगर में गिरफ्तार किया था। वर्ष 1999 में उसके साथी आतंकवादियों द्वारा इंडियन एयरलाइंस के विमान को अगवा कर अफगानिस्तान के कंधार ले जाये जाने के बाद उसमें सवार यात्रियों की रिहाई के एवज में भारतीय जेलों में बंद मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक ज़रगर और शेख अहमद उमर सईद जैसे आतंकवादियों की रिहाई की मांग की गई और आठ दिन तक चली बातचीत के बाद 31 दिसंबर 1999 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा।

जेल से छूटने के बाद मौलाना मसूद अजहर ने फरवरी 2000 में जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकवादी संगठन की नींव रखी जिसका मकसद था भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना। वर्ष 2001 में संसद पर हमला हुआ जिसके पीछे जैश का हाथ था। पाकिस्तान में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और लेकिन उसके खिलाफ सबूत नहीं दिए जाने से लाहौर हाइकोर्ट ने उसे छोड़ने के आदेश दिये। पंजाब के पठानकोट में वायु सैनिक अड्डे पर दो जनवरी 2016 को हुए हमले मेें पांच जवान शहीद हो गये थे।

 

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