श्रीगंगानगर। आज संसद के भीतर नया वक्फ बिल लाया जा रहा है। कहने को यह मुसलमानों के खिलाफ बिल है, लेकिन इसका मुसलमानों को फायदा कम होगा और हिन्दुओं का नुकसान ज्यादा होगा।
बिहार चुनाव आने वाले हैं और उस दौरान वक्फ बिल को पेश किया गया। इसमें जो शब्द लिखे गये हैं वह बहुभाषी हैं और आम आदमी की सोच से भी बाहर हैं।
यह चुनाव जीतने का अवसर तलाशा जा रहा है जिसमें हिन्दुओं को बहुत ज्यादा नुकसान होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस बिल में 2.0ए को विलुप्त करने किये जाने का उल्लेख किया गया है। इसी तरह से कई अन्य ऐसी धाराओं को विलुप्त किया जायेगा, जो 2.0ए को संबोधित करती हैं।
कहने को यह मुसलमानों पर नियंत्रण करने का एक माध्यम है किंतु सच्चाई यह है कि इस बिल के पास होते ही सउदी, यूएई जैसे देश फिर से मोदी को सम्मानित करने के लिए अपने देश आमंत्रित कर सकते हैं। यह विवादित बिल है और इसमें लोगों के सामने उनके अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। प्रभावित होने वालों में हिन्दू होंगे।
राजनीति ऐसी है कि पैंशनर विभाग के अधीन सीबीआई को किया गया हे जबकि यह गृह मंत्रालय के अधीन होनी चाहिये। जब सरकार मेडिकल क्षेत्र में खर्चा कम करती है तो रक्षा क्षेत्र में बढ़ा दिया जाता है और जब रक्षा क्षेत्र को प्रभावित किया जाात है तो मेडिकल को बढ़ा दिया जाता है। आईवीएफ की परमिशन के लिए फाइल रसद विभाग को भेजी जाती है। इस तरह से अगर हिन्दू-मुसलमान के नजरिये से देखा गया तो नुकसान हिन्दुओं का होगा और भाजपा आसानी से बिहार चुनाव जीत जायेगी।